तुम्ही को हमने चाह था , तुम्ही मिलते तो अच्छा था …
कोई आकर हमसे पूछे ,तुम्हे कैसे भूलाया है ..
हज़ार ज़ख्म ऐसे थे अगर सिलते तो अच्छा था …
तुम्ही को हमने चाह था , तुम्ही मिलते तो अच्छा था …
तुम्हे जितना भूलाया है तुम्हारी याद आई है …
बहार जो आई है वो ही खुशबू ही लाई है …
तुम्हारी लब अगर मेरी खातिर हिलते तो अच्छा था …
तुम्ही को हमने चाहा था , तुम्ही मिलते तो अच्छा था …
तुम्हारी लब अगर मेरी खातिर हिलते तो अच्छा था …
तुम्ही को हमने चाहा था , तुम्ही मिलते तो अच्छा था …
मिला है लुत्फ़ हमको भी हसीं यादों की झिलमिल मैं …
कटी है ज़िन्दगी तुम बिन मगर इतनी सी है दिल मैं …
अगर आते तो अच्छा था , अगर मिलते तो अच्छा था ….
तुम्ही को हमने चाह था , तुम्ही मिलते तो अच्छा था …
कटी है ज़िन्दगी तुम बिन मगर इतनी सी है दिल मैं …
अगर आते तो अच्छा था , अगर मिलते तो अच्छा था ….
तुम्ही को हमने चाह था , तुम्ही मिलते तो अच्छा था …
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